Attitude Shayari – अत्तीतूदे शयारी

jimmedari shayari

मैं हमदर्दी की ख़ैरातों के सिक्के मोड़ देता हूँ,
जिस पर बोझ बन जाउँ, उसे मैं ख़ुद ही छोड़ देता हूँ।