Akelapan Shayari in Hindi

 Akelapan Shayari in Hindi

मेरा अकेलापन ही मेरा साथी हैं,
मुझे किसी और की ज़रूरत नहीं,
क्या करे किसी से रिश्ता जोड़ कर,
जब की मुझे जिंदगी में और दर्द की ज़रूरत नहीं।

 

यूँ ही बेवजह न मुझे वो खोजता होगा,
शायद उसे भी ये अकेलापन नोचता होगा।

 

ये अकेलापन मुझे भाने लगा अब,
करीब जाना मुझे चौकाने लगा अब।

 

सुबह से रात और रात से यु ही सुबह हो जाती है,
ये अकेलापन खत्म होने का नाम ही नहीं लेता है।

 

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published.