Life Shayari

 Life Shayari

हादसों की मार से टूटे अगर जिंदा रहा
जिंदगी जो तूने जख्म दिए वो गहरा ना था

ऐ ज़िन्दगी जितनी मर्जी है तक़लीफ़िया बढ़ा
वादा है तुझसे मै उसे हंस के गुजार दूंगा

इंसान की किरदार की दो ही मंजिले है
या दिल में उतर जाये या दिल से उतर जाये

तुम तो दवा के बादशाह थे ऐ लुकमान हकीम
हेरत है फिर भी इश्क़ ला इलाज रह गया

डूबना ही पड़ता है उभरने से पहले
ग्रुब होने का मतला ज्वाल नहीं होता

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