Mohbbat Shayari

 Mohbbat Shayari

करूं जो बंद आंखें तो तेरे होने का एहसास है, तेरे इश्क में जी रही हूं मैं, तेरे रंग में रंगने की आस है।

जो छुपाए ना छुपे यही वह जंग है, यह मोहब्बत है साहब इसके हजारो रंग है।

मेरे पास बैठे रहो दिल को करार आएगा, जितना देखोगे तुम हमें उतना ही प्यार आएगा।

कैसे कहूं की अपना बना लो मुझे, बाँहों में अपनी समा लो मुझे, आज हिम्मत करके कहता हूँ, की मैं तुम्हारा हूँ अब तुम ही संभालो मुझे।

चाहे पूछ लो सवेरे से या शाम से, ये दिल धड़कता है बस तेरे नाम से।

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