Facebook Shayari

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तुझे सरे आम पुकारने के लिए जानाँ,
तेरे नाम की बिल्ली पाल रखी है। 

तेरी याद से तो बिल्ली अच्छी है,
वो तो बोलती है, मैं आऊँ… मैं आऊँ… 

तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा 
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है.

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