Tags :Shayari for Love

Dil Shayari

Shayari for Love

वो दुआ ही क्या जिसमें तुम्हारा इज़हार ना हो   वजूद की तलब ना कर…हक है तेरा! रूह तक सफर तो कर..   ख़ुशियों कि आरज़ू में मुक़द्दर सो गयें, आँधी ऐसी चली कि अपने भी खो गये। काश ये ख़्वाहिश पूरी हो इबादत के बग़ैर, वो आकर गले लग जाएं इजाज़त के बग़ैर…More Shayari