Dosti Shayari

 Dosti Shayari

Dosti Nahi Pahli Aas Ho Tum Risto Me Nhi Vishwas Ho Tum
Pyar Bhare Din Ki Shuruaat Ho Tum
दोस्ती नहीं पहली आस हो तुम रिस्तो में नहीं विश्वास हो तुम
प्यार भरे दिन की शुरुआत हो तुम

ज़िन्दगी इतिहास फिर नही दोहराती
हर पल हर मोड़ पर है दोस्तों की याद आती
ज़िन्दगी दोस्ती के लम्हो में है गुम हो जाती
उन लम्हो को सोच कर हमारी आँखे हैं नम हो जाती

ज़िन्दगी के सारे गम क्यों बाँट लेते हैं दोस्त
क्यों ज़िन्दगी में साथ देते हैं दोस्त
रिश्ता तो सिर्फ उनसे दिल का होता है जी
फिर भी क्यों हमे अपना मान लेते हैं दोस्त

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